प्रबुद्ध जीवन हेतु बोध

श्री गुरु और SRM टीम द्वारा

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न हो कोई शिकायत!

सफ़र-ए-रोशनी में मन की हर दहलीज़ को पार करना होता है दिल के दामन में आने के लिए!मंज़िल-ए-इश्क़ में किसी के प्रेम में पागल होना...

कहीं भी न अँधेरा था!

कोई लम्हा ऐसा तो मिले कि हो राह बस एक उनकी,कोई धड़कन ऐसी तो बहे जिसमें हो चाह बस उनकी!कोई इबादत ऐसी तो हो जो आँखों में नूर सजा...

चलें आपके साथ

हम घर-सागर से लौटे इसलिए तो नहीं कि तुम्हें ले जा सकें,क्योंकि हम जानते हैं कि आप जहाँ हैं वहीं घर-सागर है!हम घर-सागर से लौटे इसलिए तो...