प्रबुद्ध जीवन हेतु बोध

श्री गुरु और SRM टीम द्वारा

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न हो कोई शिकायत!

सफ़र-ए-रोशनी में मन की हर दहलीज़ को पार करना होता है दिल के दामन में आने के लिए!मंज़िल-ए-इश्क़ में किसी के प्रेम में पागल होना...

कायनात का दस्तूर है

खोज है सभी की बस यही कि प्रेम बरस जाये,जाना है सभी को बस उस राह कि मंज़िल मिल जाये!इबादत से शुरू होंगी वो बारिशें जो दिल को रूहानी...

कहीं भी न अँधेरा था!

कोई लम्हा ऐसा तो मिले कि हो राह बस एक उनकी,कोई धड़कन ऐसी तो बहे जिसमें हो चाह बस उनकी!कोई इबादत ऐसी तो हो जो आँखों में नूर सजा...