
प्रबुद्ध जीवन हेतु बोध
श्री गुरु और SRM टीम द्वारा
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हम घर-सागर से लौटे इसलिए तो नहीं कि तुम्हें ले जा सकें,क्योंकि हम जानते हैं कि आप जहाँ हैं वहीं घर-सागर है!हम घर-सागर से लौटे इसलिए तो...
अहो प्रियतम! आपसे बहते इस जीवन में बस नूर ही नूर है,है शब्द में शास्त्रों का सार छिपा और बहता शास्ता का हृदय भरपूर है!प्रेम होने की...
अहो प्रियतम! आपसे बहते इस जीवन में बस नूर ही नूर है,है शब्द में शास्त्रों का सार छिपा और बहता शास्ता का हृदय भरपूर है!प्रेम होने की...
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