अराजकता सिद्धांत (chaos theory) में, तितली प्रभाव (butterfly effect) के नाम से जाना जाने वाला एक लोकप्रिय सिद्धांत है। यह इस बात को रेखांकित करता है कि आरंभिक परिस्थितियों में एक छोटा सा बदलाव किस प्रकार पूरी तरह से अलग परिणाम ला सकता है। भारत में एक तितली के अपने पंख फड़फड़ाने से अमेरिका में एक बवंडर आ जाए (वह दृष्टांत जिससे इस सिद्धांत को अपना नाम मिला), यह तो शायद असंभव ही है। परंतु इस सिद्धांत के आशय पर विवाद नहीं किया जा सकता। अतीत के किसी छोटे से पल को बदलने से भी एक लहर सा प्रभाव पैदा हो सकता है, जो आपके वर्तमान के तट को पूरी तरह से बदल दे। क्या आप अपने जीवन के ऐसे ही किसी क्षण को स्मरण में ला सकते हैं, जो उस समय साधारण सा लगा, परंतु वास्तव में घटनाओं की एक अपरिवर्तनीय श्रृंखला का प्रवर्तक था?
इसी तरह, आप इस क्षण में जो भी करने का निर्णय लेते हैं, उसका आपके (और दूसरों के) भविष्य पर ऐसा दूरगामी प्रभाव पड़ सकता है, जो आपकी वर्तमान बुद्धि की समझने की क्षमता से परे है।
अगला क्षण आ रहा है। और यह जीवन बदलने वाला क्षण हो सकता है।
“एक पल व्यर्थ खोने से एक भव हार जाने जैसा है, यह तात्त्विक दृष्टि से सिद्ध है!”
-श्रीमद् राजचन्द्र जी, मोक्षमाला शिक्षापाठ ५०
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