
प्रबुद्ध जीवन हेतु बोध
श्री गुरु और SRM टीम द्वारा
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कुछ दिन शुरू होने से पहले ही किसी बड़े हादसे जैसे महसूस होते हैं। शायद आपकी नींद देर से खुली और अब आप ख़ुद से ही नाराज़ हैं। या हो सकता...
प्रियतम के लिए तड़प प्रेमी को सदा कुछ दिव्य विडंबनाओं से घेरे रखती है। उदाहरण के लिए हृदय को ही ले लीजिए। हृदय भरा-भरा लगता है, और हृदय...
प्रत्येक मनुष्य एक संभावना के रूप में जन्म लेता है। किंतु कुछ ऐसे विरले मनुष्य भी होते हैं, जो संपूर्ण मानवता के लिए स्वयं एक संभावना...
यथार्थ वचन!!!
वचनामृतजी 258 से परम कृपालु देव श्रीमदजी का यह उद्धरण — ‘पाया की यह बात है, निज छंदन को छोड़, पीछे लाग सतपुरुष के, तो सब बंधन तोड़। बिना नयन पावे नहीं, बिना नयन की बात। सेवा सद्गुरु के चरण, सो पावे साक्षात।’… यह सनातन नियम है।
अहो उपकार श्री गुरु अहो उपकार 🙏
बहुत सुंदर अभिव्यक्ति है।
Wow very true
Thank you Sri Guru 🙏🏼
सत्य वचन प्रभु। यह वचन मेरे जीवन से जुड़ता है। हे श्री गुरु, जब से मैंने आपको पाया है, तब से मेरा भौतिक और आध्यात्मिक जीवन संतुलित हो गया है। मेरी बस एक इच्छा है कि मैं अपने परिवार को भी इस मार्ग पर ला सकूं। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि उनके भाग्य का उदय हो। जय कृपालु 🙏🌹❤️