सभी मानवीय गतिविधियों के समान, हमारी बोलचाल में भी कचरा पैदा करने के दुष्प्रभाव की संभावना होती है। एक कठोर टिप्पणी, क्रोध में कहे गए चंद शब्द, यहां तक कि एक व्यंग्यात्मक कथन भी उस समय छोटे लग सकते हैं। लेकिन प्लास्टिक कचरे की तरह, वे शब्द ऐसे ही कहीं गायब नहीं हो जाते। वे किसी के मन और हृदय में लंबे समय तक रहते हैं, और उनके मानसिक एवं आध्यात्मिक स्वास्थ्य को प्रदूषित करते हैं।
हमारे मन और हृदय भावनात्मक अपशिष्ट से भरे जाने वाले कोई लैंडफिल नहीं हैं। सौभाग्य से, अपशिष्ट प्रबंधन (waste management) के 3 ‘R’ अपशिष्ट शब्दों के प्रबंधन में भी काम आ सकते हैं।
कम करें (Reduce): बोलने से पहले सोचें, क्या यह बोलना आवश्यक है?
पुन: उपयोग करें (Reuse): अपने विचारों और भावो को लिखें। एक घंटे बाद उन्हें फिर से पढ़ें, और केवल उन शब्दों का उपयोग करें जो पुन: उपयोग करने योग्य लगते हैं।
पुनर्चक्रण करें (Recycle): अपने व्यर्थ के शब्दों को अधिक उपयोगी, अधिक सुंदर शब्दों में रूपांतरित करें। यदि आप अपनी बात प्रेम से नहीं कह सकते, तो स्थिति को हल्का रखने के लिए कुछ सभ्य हास्य जोड़ दें। जो भी कहें विनम्रता से कहें, समस्या को हल करने के प्रयोजन से, न कि केवल अपने मानसिक बोझ को कम करने के लिए।
Reduce. Reuse. Recycle. और हाँ, समय आने पर इन्हें ‘Recall’ भी अवश्य करें।
Very True. I will start from today.