
प्रबुद्ध जीवन हेतु बोध
श्री गुरु और SRM टीम द्वारा
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कुछ दिन शुरू होने से पहले ही किसी बड़े हादसे जैसे महसूस होते हैं। शायद आपकी नींद देर से खुली और अब आप ख़ुद से ही नाराज़ हैं। या हो सकता...
प्रियतम के लिए तड़प प्रेमी को सदा कुछ दिव्य विडंबनाओं से घेरे रखती है। उदाहरण के लिए हृदय को ही ले लीजिए। हृदय भरा-भरा लगता है, और हृदय...
प्रत्येक मनुष्य एक संभावना के रूप में जन्म लेता है। किंतु कुछ ऐसे विरले मनुष्य भी होते हैं, जो संपूर्ण मानवता के लिए स्वयं एक संभावना...
सही में गुरु आज्ञा सजगता की कमी होती है तब ऊर्जा निम्न स्तर पर ही रहती है जैसे मन खेदभाव से भरा रहता है लेकिन जब गुरु आज्ञा पूरी सजगता में पालन होता है तो ऊर्जा का स्तर काफी हद तक ऊंचा रहता है मन धन्यवाद के भाव से भरा रहता है।
कितनी आसान भाषा मे कितना बड़ा बोध दिया है। आपका खूब खूब आभार 🙏🏻🙏🏻